होली खुशी, रंग और आपसी मेल-मिलाप का त्योहार है। लोग इसे परिवार और दोस्तों के साथ मनाते हैं। इस त्योहार में गुलाल की अहम भूमिका होती है। लेकिन हर गुलाल त्वचा के लिए सुरक्षित नहीं होता। कई लोगों को होली के बाद त्वचा पर खुजली, रैशेज़, जलन, रूखापन या आंखों में परेशानी हो जाती है। इसका मुख्य कारण खराब गुणवत्ता वाला गुलाल होता है।
इस लेख को पढ़ने से पहले आप हमारा पिछला ब्लॉग पढ़ सकते हैं —
“होली गुलाल: अर्थ, प्रकार, उपयोग और खरीदारी मार्गदर्शिका”
(Holi Gulal: Meaning, Types, Uses, and Buying Guide)
इस लेख में गुलाल के प्रकार और चयन की जानकारी दी गई है। वह लेख आधार बनाता है, जबकि यह लेख खासतौर पर त्वचा की सुरक्षा पर केंद्रित है।
होली के दौरान त्वचा की सुरक्षा क्यों ज़रूरी है
होली में गुलाल सीधे चेहरे, बालों और शरीर पर लगाया जाता है। रंग कई घंटों तक त्वचा के संपर्क में रहता है। असुरक्षित गुलाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे एलर्जी, जलन और संक्रमण हो सकता है। बाल और आंखें भी प्रभावित हो सकती हैं।
बच्चों और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को अधिक खतरा होता है। इसलिए सुरक्षित गुलाल चुनना बहुत ज़रूरी है।
गुलाल को असुरक्षित क्या बनाता है?
बाज़ार में मिलने वाले कई गुलाल सस्ते कच्चे माल से बनाए जाते हैं। इससे लागत कम होती है लेकिन नुकसान बढ़ता है।
असुरक्षित गुलाल में हो सकते हैं:
- औद्योगिक रंग
- भारी धातुएं
- केमिकल पिगमेंट
- सिंथेटिक खुशबू
- खुरदरे फिलर
ये तत्व त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये रोमछिद्र बंद कर सकते हैं और लंबे समय तक त्वचा की समस्या पैदा कर सकते हैं।
बाज़ार में मिलने वाले गुलाल के प्रकार
मुख्य रूप से तीन प्रकार के गुलाल मिलते हैं।
1. केमिकल-आधारित गुलाल
इसमें सिंथेटिक रंग होते हैं। रंग तेज़ होते हैं। कीमत कम होती है। लेकिन यह त्वचा में जलन और खुजली कर सकता है।
2. स्टार्च-आधारित गुलाल
यह फूड-ग्रेड स्टार्च से बनता है। इसमें अनुमोदित रंग मिलाए जाते हैं। यह मुलायम होता है। आसानी से फैलता है और धोने में निकल जाता है। सही तरीके से बना हो तो यह अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित होता है।
3. हर्बल गुलाल
हर्बल गुलाल प्राकृतिक सामग्री से बनता है। यह त्वचा पर हल्का रहता है। इसकी कीमत थोड़ी ज़्यादा होती है और रंग सौम्य होते हैं।
हर नॉन-हर्बल गुलाल असुरक्षित नहीं होता। अच्छी गुणवत्ता वाला स्टार्च-आधारित गुलाल भी त्वचा-सुरक्षित हो सकता है।
अगर आप गुलाल के सभी प्रकार और उनके उपयोग के बारे में विस्तार से पढ़ना चाहते हैं, तो हमारा यह लेख देखें:
👉 “होली गुलाल: अर्थ, प्रकार, उपयोग और खरीदारी मार्गदर्शिका”
(Holi Gulal: Meaning, Types, Uses, and Buying Guide)
त्वचा-सुरक्षित गुलाल कैसे पहचानें
गुलाल खरीदते समय इन बातों पर ध्यान दें:
सामग्री जांचें
स्टार्च या हर्बल बेस वाला गुलाल चुनें। जिन उत्पादों पर सामग्री नहीं लिखी होती, उनसे बचें।
सर्टिफिकेशन देखें
FSSAI-ग्रेड स्टार्च गुणवत्ता का संकेत देता है। यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है।
टेक्सचर जांचें
सुरक्षित गुलाल नरम और चिकना होता है। खुरदरा गुलाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
खुशबू जांचें
अच्छा गुलाल हल्की खुशबू वाला होता है। तेज़ खुशबू केमिकल का संकेत हो सकती है।
धोने में आसानी
सुरक्षित गुलाल पानी से आसानी से निकल जाता है।
विश्वसनीय ब्रांड से खरीदें
खुले और बिना पैक किए रंगों से बचें। सस्ते सड़क किनारे मिलने वाले गुलाल में अक्सर सुरक्षा जांच नहीं होती।
क्या हर्बल गुलाल हमेशा बेहतर होता है?
हर्बल गुलाल संवेदनशील त्वचा के लिए अच्छा होता है। लेकिन हर “हर्बल” लिखा गुलाल सच में हर्बल नहीं होता।
हमेशा जांचें:
- सामग्री सूची
- ब्रांड विवरण
- पैकेजिंग की गुणवत्ता
अच्छी तरह से बना स्टार्च-आधारित गुलाल भी उतना ही सुरक्षित हो सकता है।
होली खेलने से पहले त्वचा की सुरक्षा के टिप्स
सुरक्षित गुलाल के साथ भी सावधानी ज़रूरी है।
- त्वचा पर तेल या मॉइस्चराइज़र लगाएं
- बालों में तेल लगाकर बांध लें
- पूरे बाजू के कपड़े पहनें
- आंखों के लिए सनग्लास पहनें
ये उपाय जलन से बचाते हैं।
होली के बाद त्वचा की देखभाल
होली के बाद देखभाल बहुत ज़रूरी है।
- हल्के साबुन से त्वचा धोएं
- ज़ोर से रगड़ें नहीं
- मॉइस्चराइज़र लगाएं
- जलन हो तो सूदिंग जेल लगाएं
- रंग हटाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल न करें
बच्चों के लिए गुलाल की सुरक्षा
बच्चों की त्वचा बहुत नाज़ुक होती है। वे केमिकल जल्दी सोख लेते हैं।
बच्चों के लिए चुनें:
- स्टार्च-आधारित गुलाल
- कम खुशबू वाला गुलाल
- हल्के रंग
गहरे और नियोन रंगों से बचें।
गुलाल से जुड़े आम भ्रम
“तेज़ रंग वाला गुलाल बेहतर होता है”
गलत। तेज़ रंग में ज़्यादा केमिकल हो सकते हैं।
“सिर्फ हर्बल गुलाल ही सुरक्षित है”
गलत। सही स्टार्च गुलाल भी सुरक्षित होता है।
“नेचुरल मतलब कोई रिएक्शन नहीं”
गलत। प्राकृतिक चीज़ों से भी एलर्जी हो सकती है।
गुलाल इस्तेमाल से पहले टेस्ट कैसे करें
पैच टेस्ट करें:
- कलाई पर थोड़ा गुलाल लगाएं
- 30 मिनट इंतज़ार करें
- लालिमा या खुजली देखें
अगर रिएक्शन हो, तो इस्तेमाल न करें।
अंतिम खरीदारी चेकलिस्ट
खरीदने से पहले खुद से पूछें:
- क्या यह स्टार्च या हर्बल आधारित है?
- क्या यह नरम है?
- क्या यह आसानी से निकल जाता है?
- क्या पैकेजिंग साफ़ और सुरक्षित है?
- क्या टेस्ट रिपोर्ट उपलब्ध है?
अगर जवाब हां है, तो गुलाल सुरक्षित है।
निष्कर्ष
सही गुलाल चुनने से होली सुरक्षित और आनंदमय बनती है। केवल कीमत या रंग देखकर गुलाल न खरीदें। गुणवत्ता और सुरक्षा पर ध्यान दें। अच्छी गुणवत्ता वाला स्टार्च या हर्बल गुलाल ज़्यादातर लोगों के लिए सही रहता है।
सुरक्षित गुलाल चुनें और बिना चिंता के रंगों का त्योहार मनाएं। 🌈

Pingback: हर्बल गुलाल बनाम स्टार्च-आधारित गुलाल: क्या है अंतर? – Shakti Enterprises – Blog